यह ग्रुप सिर्फ कानुनों के उपर बनाने का विचार आया जहा हम सभी कानुन के जानकार या
विधी प्रकोष्ठ के... moreयह ग्रुप सिर्फ कानुनों के उपर बनाने का विचार आया जहा हम सभी कानुन के जानकार या
विधी प्रकोष्ठ के बाकी बड़े भाई बहन और आदरणीय अपनी सलाह और अलग अलग कोर्ट के फैसले के उपर विचार विमर्श करें
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निश्चित ही देश के एक नया काम शुरू होगा जहां फ्री में सुझाव के साथ साथ उस सुझाव के नफे नुकसान पर भी विचार विमर्श किया जा सके।
राहुल वर्मा
मौसम तेरी चाहत के
मनभावन रंग बरसे हैं!
हर दिन पर लगा रंग नया
नैनन में मनोहर सजते हैं!
सुबह सवेरे की बारिश
रिमझिम से फागुन तरसे हैं!
महकती हवाओं के आलिंगन को
बन भ्रमर बगिया भटके हैं!
कोहरे का दिन पहन चादर
मटमैली सुबह सुबह आ धमके हैं!
रेवड़ी की मिठास सहेजे मन में
धूप के सहरों को तरसे हैं!
खड़ा द्वारे तरूण बसंत तत्पर
स्वागत में सरसों के फूल लहराये हैं!
कलियाँ कलियाँ रस भर रसखान हुआ
बाली बाली यौवन छिटकाए है!
मौसम तेरी चाहत के
मनभावन रंग बरसे हैं!!
रविंद्र रावत
शास्त्रों में रथ सप्तमी के दिन किस देव की पूजा का विधान है?
A. इंद्र देव
B. चन्द्र देव
C. सूर्य देव
D. इनमें से कोई भी नहीं।
vstripathimba
(owner)
जिस भड़वे ने मुझे ब्लाक किया है उसे बंता दु मुझे सिर्फ 1घंटा लगेगा पुरे इनबुक सर्वर को हैक करने के लिए।
हर हर महादेव
नीरू हिंदू
@_user_7 यह क्या हो रहा है फोटो या वीडियो पोस्ट होती है पर प्रोफाइल पिक्चर चेंज नहीं हो रही स्टोरेज परमीशन मांग रहा है परमिशन देने के बाद भी स्टोरेज ओपन नहीं हो रहा
Paras Sharma
सामान्यतः सभी धर्मों और पंथों में , मानव आचरण के दो पहलू सामने आते हैं , वे हैं अच्छाई और बुराई ...! इनके पक्ष में चलने वाले क्रमशः अच्छे और बुरे लोग माने जाते हैं। जो कुछ ३१ दिसम्बर की रात और १ जनवरी के प्रारंभ को लेकर यूरोप - अमेरिका और ईसाई समुदाय सहित अन्य लोग देख देखी करते हैं वह अच्छाई तो नहीं है !!! यथा शराब पीना, अश्लील नाचगाना , सामान्य मर्यादाओं को तिलांजली देना ! होटल , रेस्तरां और पब में जा कर मौज मजे के नाम पर जो कुछ होता है !! वह न तो सभ्यता का हिस्सा है और न ही उसे अच्छा होने का सर्टिफिकेट दिया जा सकता है। इसलिए सभ्यता अनुकूल यह नया के क्रियाकलापों को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया में निर्मित सत्रारंभ है। इसकी तुलना कभी भी भारतीय नववर्ष से नहीं की जा सकती , क्योंकि वह ईश्वरीय है, सृष्टिजन्य है, नक्षत्रिय है इसी कारण सम्पूर्ण हिन्दू समाज में सभी धार्मिक आयोजन , कार्य शुभारंभ मुहूर्त, मानव जीवन से सम्बद्ध मांगलिक कार्यों को आज भी बड़ी निष्ठा से इन्ही आधार पर आयोजित किया जाता ।