मनोज जैन
दुनियां का सबसे छोटा संविधान अमेरिका का है
केवल 13 पन्नों का
उससे भी छोटा संविधान योगी जी का है केवल दो लाइन का
कायदे में रहोगे तो ही फायदे में रहोगे
Saurabh Jain
ये दो खबरें देखिए
एक तरफ सिंगुर है जहां से ममता बनर्जी ने टाटा की फैक्ट्री को भगा दी।
अब सिंगुर के किसान सरकारी 2 रुपए किलों के चावल पर जिंदा हैं
सारे दिन अपने खेतों से फैक्ट्री का मलबा निकालते हैं।
फैक्ट्री लगने के बाद जो बैंक खुले थे वो सब धीरे-धीरे बंद हो गए
अब सिंगुर नंदीग्राम के लोगों का कहना है कि इससे अच्छा तो नक्सली बन जाते।
दूसरी तरफ गुजरात का साणंद है
सिंगुर से निकाले जाने के बाद मोदी के कहने पर टाटा की फैक्ट्री यहां लगाई गई थी
टाटा के बाद यहां फोर्ड, मारुति, जनरनल मोटर्स, हीरो मॉटोकोर्प जैसी कंपनियों के दर्जन प्लांट लग चुके हैं
साणंद की जमीन की कीमत आसमान छू रही हैं और साणंद भारत ही नहीं एशिया का सबसे बड़ा ऑटो मैन्युफैक्चरिंग हब बन चुका है
ये सब सिंगुर में होता अगर सिंगुर के लोगों में रत्ती भर अक्ल होती।
ये 10 दिन का आंदोलन, ये क्रांतिकारी बनने की चुल
ये सरकार को दिखा देने की आग, इसके चक्कर में अपनी पूरी पीढ़ियां बर्बाद कर ली।
और ये नेता इन्हें जरा शर्म नहीं आती
ये मिल बंद करवा कर मजदूर का भला करते हैं
यूनिवर्सिटी बंद कराके छात्रों का
और खड़ी फसल पर टैक्टर चलवा कर किसान का
मुंबई में कम्युनिस्टों ने एक साथ 80 कपड़ा मिल बंद करा दी और वो इस बात पर गर्व करते हैं
ये शहर के शहर उजाड़ देते हैं
बुलट ट्रैन नहीं आनी चाहिए, बांध नहीं बनने चाहिए
जमीन अधिग्रहण नहीं होना चाहिए क्योंकि उद्योग सिर पर तो लगेंगे नहीं
तो जब जमीन ही नहीं मिलेगी तो उद्योग लगेंगे कैसे
ये उद्योगपतियों से नफरत करना सिखाते हैं
और फिर नौकरी नहीं का रोना रोएंगे
धीरे-धीरे सारे देश को क्रांतिकारी बनाएंगे
बंदूक थमाकर नक्सली बनाएंगे
सिंगुर और नंदीग्राम का शानदार विकास करने के बाद
अब दिल्ली के कथित किसान नेता भी बंगाल पहुंच रहे हैं अपनी आंदोलन की दुकान लेकर
पता नहीं सिंगुर और नंदीग्राम वालों को अभी समझ आया है या नहीं कि उनके साथ क्या हुआ है।
लेकिन आप चिंता मत कीजिए
सामने भी वो ही नेता मोदी है जिसने साणंद को साणंद बनाकर ही दम लिया।
sanjay jain
किसी का अपमान करके जो सुख मिलता है
वह थोड़े समय का होता है …लेकिन किसी को
सम्मान देकर जो आनंद मिलता है
वह जीवन भर साथ रहता है !